प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): –
Pradhan mantri awas yojana gramin apply 2026: नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत हैं। दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, मूल रूप से इसकी शुरुआत 1985 में (इंदिरा गाँधी आवास योजना) के नाम से हुई थी। इस योजना का मकसद गरीबों को रहने के लिए उचित घर प्रदान करना है। PMAYG को 2016 में वर्तमान सरकार “2024 तक सभी के लिए आवास” नाम से पहल शुरू की, अब 2026 आ चुका है और योजना के नियमों और आवेदन प्रक्रियाओं में कई बड़े और शानदार बदलाव हुए हैं। जिसका उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
यदि आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं और अभी तक आपका पक्का मकान नहीं बना है, और आप इधर उधर चक्कर काट काट के परेशान हो चूके है। तो यह आर्टिकल आपके बहुत ही काम आ सकता है। और ये योजना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। इस आर्टिकल में हम आपको इस योजना की हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे, जैसे- pradhan mantri awas yojana gramin apply 2026 कैसे करें, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज़, मिलने वाले लाभ, और इसे पाने का आसान तरीका क्या हैं। सब कुछ आपको इसी एक आर्टिकल में मिलेगा, बस आर्टिकल को ध्यान से पढ़िए।
Table of Contents
PMAY-G 2026: पहले और अब में क्या बदलाव आया है? (नए अपडेट्स 19/05/2026)
दोस्तों, सरकार ने आवास योजना के नियमों को अब बहुत आसान कर दिया है। जिन कारणों से पहले लोगों के फॉर्म रिजेक्ट हो जाते थे, अब उन्हें हटा दिया गया है। आइए देखते हैं कि पुरानी योजना और नए (Awaas+ 2024-26) नियमों में क्या-क्या बड़े बदलाव हुए हैं:
1. अयोग्यता (Exclusion) नियमों में सबसे बड़ी छूट:
- पहले (Old Rule): अगर किसी परिवार के पास मोटरसाइकिल (Two-wheeler), मोटर वाली नाव (Motorized Boat) या फ्रिज (Refrigerator) होता था, तो उनका फॉर्म तुरंत रिजेक्ट हो जाता था।
- अब (New Rule): सरकार ने इन नियमों को हटा दिया है! यानी अब अगर आपके पास मोटरसाइकिल या फ्रिज है, तब भी आप पक्के मकान के लिए आवेदन कर सकते हैं।
2. आय सीमा (Income Limit) में बढ़ोतरी:
- पहले (Old Rule): जिन परिवारों की मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक होती थी, उन्हें अपात्र (ineligible) माना जाता था।
- अब (New Rule): महंगाई को देखते हुए इस सीमा को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यानी 15 हजार रुपये तक कमाने वाले परिवार भी अब इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
3. घर बनाने का नया लक्ष्य (New Target):
- पहले (Old Rule): मार्च 2024 तक 2.95 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य था, जो लगभग पूरा हो चुका है।
- अब (New Rule): कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक के लिए 2 करोड़ नए अतिरिक्त घर बनाने को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। मतलब, जिनका नाम पिछली लिस्ट में छूट गया था, उन्हें अब मौका मिलेगा।
4. टेक्नोलॉजी और AI फेस KYC:
- पहले (Old Rule): पंचायत सचिव मैन्युअली वेरिफिकेशन करते थे, जिसमें कई बार फर्जीवाड़ा या भ्रष्टाचार हो जाता था।
- अब (New Rule): सरकार ने Awaas+ (आवास प्लस) ऐप लॉन्च किया है। इसमें अब AI-बेस्ड 3D फेस ऑथेंटिकेशन (Face e-KYC) होता है। इससे कोई भी बिचौलिया या गलत व्यक्ति आपके नाम का पैसा नहीं निकाल सकता।
5. मनरेगा मजदूरी (MGNREGA Wages) में फायदा:
- पहले (Old Rule): घर बनाने के लिए मनरेगा के तहत मिलने वाली 90-95 दिन की मजदूरी का रेट काफी कम था।
- अब (New Rule): हर राज्य में मनरेगा की दिहाड़ी (Wage Rate) बढ़ चुकी है। इसका मतलब है कि अब आपको घर बनाने की मजदूरी के रूप में पहले से ज़्यादा पैसा (लगभग ₹200 से ₹300+ प्रतिदिन के हिसाब से) मिलेगा।
Comparison Table: –
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| नियम / मानदंड (Parameters) | पहले क्या था? (Old Rules) | अब क्या है? (New Updates 2026) |
| मोटरसाइकिल / टू-व्हीलर | होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो जाता था | छूट है, अब फॉर्म रिजेक्ट नहीं होगा |
| रेफ्रिजरेटर (Fridge) | होने पर अपात्र माना जाता था | छूट है, अब आप घर पा सकते हैं |
| मासिक आय सीमा | अधिकतम ₹10,000 / महीना | बढ़ाकर ₹15,000 / महीना कर दी गई है |
| केवाईसी (KYC) प्रक्रिया | कागजी और मैन्युअल | AI फेस ऑथेंटिकेशन (Face e-KYC) |
| नया लक्ष्य (Targets) | 2.95 करोड़ घर (खत्म हो चुका) | 2 करोड़ नए घर (2024 से 2029 तक) |
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ: –
दोस्तों, जैसा की आप सभी लोग यह जानते हैं, इस योजना के अंतर्गत सरकार पात्र लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान करती है। जो की शहरी आवास योजना से अलग और ज्यादा है, तो आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
पक्के मकान के लिए आर्थिक सहायता:
- धनराशि: पात्र ग्रामीण परिवारों (निम्न आय वर्ग तथा गरीबी रेखा के नीचे) को पक्का मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक की सीधी आर्थिक सहायता देती है। पहाड़ी इलाकों, पूर्वोत्तर राज्यों और कुछ अन्य क्षेत्रों में 1.3 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। ओडिशा में, लाभार्थियों को प्रत्येक घर के लिए 1.8 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलती है। पर जैसे केंद्र सरकार सिर्फ ₹1.20 लाख (मैदानी) और ₹1.30 लाख (पहाड़ी) ही देती है? ओडिशा सरकार अपनी अलग राज्य योजना (जैसे Biju Pucca Ghar Yojana या State Top-up) के तहत अपनी जेब से अतिरिक्त पैसा मिलाती है, तब जाकर वह 1.8 लाख बनता है।यह ‘राज्य सरकार की तरफ से दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता‘ है।
- भुगतान प्रक्रिया: यह धनराशि तीन किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
- केंद्र-राज्य के बीच लागत का बंटवारा: घरों के निर्माण की लागत को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाएगी। हालांकि, पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर सहित कुछ राज्यों में यह अनुपात 90:10 होगा।
- घर का आकार: PMAY-G के तहत बनाए गए घरों का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर होना आवश्यक है।
सस्ते ब्याज दर पर ऋण सुविधा:
- यदि सरकारी सहायता के अलावा अतिरिक्त धन की आवश्यकता हो, तो लाभार्थी ₹70,000 तक का ऋण ले सकते हैं।
- यह ऋण बिना किसी गारंटी के दिया जाता है, और ब्याज दर भी सामान्य बैंक दरों से कम होती है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण:
- योजना में लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त राशि दी जाती है।
- यह राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
मनरेगा के तहत रोजगार:
- जिन लाभार्थियों के पास मनरेगा जॉब कार्ड है, उन्हें 95 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाता है।
- मकान निर्माण के दौरान लाभार्थी खुद राजमिस्त्री के रूप में काम कर सकते हैं, और उन्हें ₹200 से ₹300 प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ:
- योजना के तहत लाभार्थियों को एक मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है, जिसमें गैस सिलेंडर, रेगुलेटर, और अन्य उपकरण शामिल होते हैं।
मुफ्त बिजली कनेक्शन:
- योजना में पात्र परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन भी दिया जाता है।


शहरी और ग्रामीण योजनाओं में अंतर:
दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी और ग्रामीण लाभार्थियों को भिन्न प्रकार की सहायता दी जाती है। जो की इस प्रकार हैं-
- शहरी योजना:
- ₹2.5 लाख तक की धनराशि।
- सीमित सुविधाएं।
- ग्रामीण योजना:
- ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख की आर्थिक सहायता।
- शौचालय निर्माण, रोजगार, गैस कनेक्शन और बिजली जैसी अतिरिक्त सुविधाएं।
पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria) 2026:
दोस्तों, इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- ग्रामीण क्षेत्र का निवासी: आवेदनकर्ता गांव का निवासी होना चाहिए।
- पक्का मकान न होना: परिवार के पास पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- वार्षिक आय सीमा: ग्रामीण योजना (PMAY-G) की नई आय सीमा ₹15,000 प्रति माह (यानी सालाना लगभग ₹1.80 लाख) है।
- सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण: 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना (SECC) में नाम दर्ज होना चाहिए।
- मनरेगा कार्ड धारक: मनरेगा कार्ड होने पर प्राथमिकता दी जाती है।
यह भी पढ़ें: – pradhan mantri awas yojana 2026: पीएम आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन
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आवश्यक दस्तावेज़ (Documents):
दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ आवश्यक हैं:
- आधार कार्ड: आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए।
- बैंक खाता: सरकारी बैंक में एक सक्रिय खाता, जो आधार से लिंक हो।
- इनकम सर्टिफिकेट: राज्य सरकार द्वारा जारी नवीनतम आय प्रमाणपत्र।
- राशन कार्ड: पारिवारिक पहचान के लिए।
- जॉब कार्ड: मनरेगा के तहत रोजगार के लिए।
- भूमि का कागज: यदि आवेदक के पास जमीन है, तो उसका रिकॉर्ड।
- हलफ़नामा: जिसमे कहा गया हो कि आप या आपके परिवार के सदस्यों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं हैं।
pradhan mantri awas yojana gramin apply (आवेदन की प्रक्रिया): –
दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। आइए विस्तार से समझते हैं–
पीएम आवास ग्रामीण ऑनलाइन आवेदन:
दोस्तों, 2026 में सरकार के नए अपडेट के अनुसार अब पीएम आवास ग्रामीण के लिए भी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन संभव हो गया है! सरकार ने Awaas+ App (आवास प्लस ऐप) में ‘Self-Survey’ का शानदार फीचर जोड़ दिया है।
इसका मतलब है कि अब आपको प्रधान और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की कोई जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने स्मार्टफोन से ऐप डाउनलोड करके खुद आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में अब महिलाओं को मुख्य आधार बनाया गया है (यानी घर महिला मुखिया के नाम पर मिलेगा)। ऐप के जरिए आपको अपना आधार फेस ई-केवाईसी (Face e-KYC) करना होगा और अपने कच्चे घर की लाइव फोटो (Geo-tagging) खींचकर अपलोड करनी होगी। फॉर्म सबमिट होते ही आपका डेटा सीधा ब्लॉक ऑफिस (BDO) के पास वेरिफिकेशन के लिए चला जाएगा। अगर किसी कारण के चलते आप ऑनलाइन अप्लाई नहीं कर पा रहे हैं, तो:
ग्राम पंचायत से संपर्क:
- अपने ग्राम पंचायत के सचिव या ग्राम प्रधान से संपर्क करें।
- योजना का फॉर्म प्राप्त करें और इसे सही तरीके से भरें।
दस्तावेज़ जमा:
- सभी आवश्यक दस्तावेज़ पंचायत कार्यालय में जमा करें।
- ग्राम विकास अधिकारी (BDO) द्वारा दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा।
सर्वेक्षण और स्वीकृति:
- आपके घर का निरीक्षण करने के लिए अधिकारी आएंगे।
- पात्रता की पुष्टि होने पर आपका नाम योजना की लाभार्थी सूची में शामिल किया जाएगा।
धनराशि ट्रांसफर:
- स्वीकृति के बाद तीन किस्तों में धनराशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
योजना का उद्देश्य और सरकार का दृष्टिकोण (vision):
दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य 2029 तक “सभी के लिए आवास” सुनिश्चित करना है। यह योजना न केवल आवास प्रदान करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी योगदान देती है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत सरकार ने 31 मार्च 2024 तक 2.95 करोड़ घरों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि, इस योजना के तहत अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से, कार्यक्रम को 2024-29 तक बढ़ा दिया गया है, और इसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घरों के निर्माण का लक्ष्य जोड़ा गया है। जिसकी हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने आधिकारिक मंजूरी भी दे दी है।
- यह योजना स्वच्छता, बिजली, रोजगार और रसोई गैस जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करती है।
- यह योजना समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाती है।
महत्वपूर्ण (Important) बातें:
दस्तावेज़ और सावधानी: सभी लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार कार्ड मोबाइल नंबर और बैंक खाते (NPCI) से लिंक हो। फॉर्म भरते समय अपने कच्चे घर की सही जियो-टैगिंग करें ताकि वेरिफिकेशन के दौरान आपका फॉर्म रिजेक्ट न हो।
आवेदन का नया तरीका (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों): * पहले: आवेदन केवल ग्राम पंचायत और ब्लॉक कार्यालय के माध्यम से ही ऑफलाइन स्वीकार किए जाते थे।
अब (2026 अपडेट): अब आप ग्राम पंचायत के अलावा ‘Awaas+ App’ के ‘Self-Survey’ फीचर के जरिए घर बैठे खुद भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन सुविधा अब ग्रामीणों के लिए भी: * पहले: ऑनलाइन आवेदन की सुविधा केवल ‘शहरी आवास योजना’ (PMAY-U) तक ही सीमित थी।
अब (2026 अपडेट): अब ग्रामीण योजना (PMAY-G) के लाभार्थी भी अपने स्मार्टफोन से Face e-KYC और जियो-टैगिंग (Geo-tagging) करके सीधा फॉर्म सबमिट कर सकते हैं।
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PMAY-G योजना के Priority Beneficiaries:
इलीजिबल परिवारों में से सबसे अधिक वंचित परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह प्राथमिकता नीचे सूचीबद्ध कुछ सामाजिक-आर्थिक मानकों के आधार पर तय की जाएगी:
- ऐसे परिवार में 16 से 59 वर्ष की आयु के बीच का कोई वयस्क सदस्य नहीं है।
- ऐसे परिवार जिनमें 25 वर्ष से अधिक आयु का कोई साक्षर वयस्क सदस्य नहीं है।
- महिला मुखिया वाले परिवार, जिसमें 16 से 59 वर्ष की आयु के बीच कोई वयस्क सदस्य नहीं है।
- ऐसे परिवार जिनमें कोई विकलांग सदस्य है और कोई सक्षम वयस्क नहीं है।
- कोई भी भूमिहीन परिवार जो शारीरिक आकस्मिक श्रम (Manual Casual Labour) के ज़रिए अपनी अधिकांश आय अर्जित करता है।
राज्यवार जिला स्तरीय लक्ष्य वितरण As On: 19/05/2026
| #SNo | State Name | Target given by MoRD | SCST | Minority | Others | Total |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Total | 26,289,083 | 11,718,294 | 3,063,362 | 13,334,592 | 25,276,771 | |
| 1 | Arunachal Pradesh | 41,596 | 34,001 | 572 | 1,695 | 35,696 |
| 2 | Assam | 1,581,833 | 175,686 | 425,448 | 696,032 | 871,718 |
| 3 | Bihar | 3,925,659 | 796,130 | 560,273 | 3,261,991 | 4,058,121 |
| 4 | Chhattisgarh | 1,097,150 | 661,226 | 6,208 | 435,924 | 1,097,150 |
| 5 | Goa | 1,707 | 180 | 76 | 247 | 427 |
| 6 | Gujarat | 449,167 | 243,654 | 9,556 | 193,360 | 440,600 |
| 7 | Haryana | 30,789 | 18,515 | 3,822 | 11,084 | 29,599 |
| 8 | Himachal Pradesh | 15,483 | 8,482 | 1,212 | 7,149 | 15,635 |
| 9 | Jammu and Kashmir | 201,633 | 99,108 | 511 | 87,791 | 186,899 |
| 10 | Jharkhand | 1,616,272 | 836,177 | 186,174 | 730,409 | 1,610,064 |
| 11 | Kerala | 42,212 | 17,264 | 8,901 | 21,549 | 40,499 |
| 12 | Madhya Pradesh | 3,227,131 | 1,671,190 | 31,307 | 1,300,602 | 2,971,792 |
| 13 | Maharashtra | 1,505,983 | 723,842 | 44,870 | 695,335 | 1,419,177 |
| 14 | Manipur | 46,166 | 29,081 | 3,660 | 13,541 | 42,753 |
| 15 | Meghalaya | 81,677 | 71,561 | 6,939 | 4,304 | 75,865 |
| 16 | Mizoram | 20,518 | 17,647 | 56 | 64 | 17,711 |
| 17 | Nagaland | 25,074 | 24,796 | 129 | 271 | 25,072 |
| 18 | Odisha | 2,695,837 | 1,299,726 | 18,824 | 1,046,562 | 2,346,288 |
| 19 | Punjab | 41,117 | 26,828 | 1,090 | 12,516 | 39,928 |
| 20 | Rajasthan | 1,732,059 | 1,146,315 | 112,955 | 794,597 | 1,965,366 |
| 21 | Sikkim | 1,409 | 792 | 89 | 609 | 1,403 |
| 22 | Tamil Nadu | 817,439 | 411,158 | 34,811 | 395,728 | 816,484 |
| 23 | Tripura | 213,740 | 135,232 | 14,962 | 78,508 | 213,740 |
| 24 | Uttar Pradesh | 2,615,951 | 1,220,832 | 298,142 | 1,275,290 | 2,627,632 |
| 25 | Uttarakhand | 29,138 | 14,607 | 3,887 | 13,573 | 29,093 |
| 26 | West Bengal | 3,799,505 | 1,774,098 | 1,252,765 | 2,025,407 | 3,799,505 |
| 27 | Andaman and Nicobar | 1,337 | 18 | 610 | 2,107 | 2,125 |
| 28 | Dadra and Nagar Haveli | 6,763 | 6,253 | 14 | 30 | 6,283 |
| 29 | Daman and Diu | 68 | 39 | 0 | 17 | 56 |
| 30 | Lakshadweep | 53 | 54 | 54 | 0 | 54 |
| 31 | Puducherry | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 |
| 32 | Andhra Pradesh | 256,270 | 154,613 | 11,519 | 94,711 | 257,258 |
| 33 | Karnataka | 166,355 | 98,213 | 23,925 | 133,136 | 231,349 |
| 34 | Telangana | 0 | 0 | 0 | 0 | 0 |
| 35 | Ladakh | 1,992 | 976 | 1 | 453 | 1,429 |
| Total | 26,289,083 | 11,718,294 | 3,063,362 | 13,334,592 | 25,276,771 |
यह तालिका आंकड़ों को व्यवस्थित रूप से व्यवस्थित करती है तथा राज्य और श्रेणी के अनुसार स्पष्ट विवरण प्रदान करती है। source of Pradhan Mantri Awaas Yojana-Gramin, Government of India
PMAY Gramin Progress का Map View Online देखें: –
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत विभिन्न राज्यों में हुए लक्ष्यों की प्रगति को ऑनलाइन मानचित्र पर देखा जा सकता है। यह सुविधा योजना की पारदर्शिता को बढ़ाने और लाभार्थियों को अपडेटेड जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है।
मानचित्र दृश्य (Map View) देखने के लिए:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: PMAY-G Map View।
यहां पर आपको योजना की प्रगति का मानचित्र स्वरूप उपलब्ध होगा। - राज्य पर ज़ूम करें: किसी विशेष राज्य को चुनने के लिए मानचित्र पर ज़ूम करें।
राज्य का चयन करने के बाद, उस राज्य में पूर्ण हो चुके आवासों का प्रतिशत और अन्य प्रगति विवरण देखा जा सकता है।
- रंग आधारित प्रदर्शन:
- विभिन्न राज्यों को अलग-अलग रंगों में दर्शाया गया है।
- रंग योजना तय किए गए लक्ष्यों की प्राप्ति के आधार पर है:
- गहरे रंग: उच्च प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति।
- हल्के रंग: कम प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति।
PMAY Beneficiary Details सत्यापित और डाउनलोड: –
दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के पात्र लाभार्थी अपनी रिपोर्ट को सत्यापित और डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना पड़ेगा। यह प्रोसेस बेहद सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल है, जो योजना की पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है।
Official वेबसाइट:
सबसे पहले आपको PMAY-G योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर जाना होगा।
या सीधे यहां क्लिक करें।


‘AwaasSoft’ टैब पर क्लिक:
- होमपेज पर ‘AwaasSoft (आवाससॉफ्ट)’ टैब खोजें।
- इस टैब के अंतर्गत ‘Report (रिपोर्ट)’ विकल्प पर क्लिक करें।
Social Audit Reports चुनें:
- आपके सामने एक नई वेबसाइट खुलेगी: rhreporting.nic.in।
- यहां पर Social Audit Reports सेक्शन में जाएं और ‘Beneficiary Details for Verification’ पर क्लिक करें।
राज्य और वर्ष का चयन:
- अगले पेज पर, बाईं ओर ड्रॉपडाउन सूची से अपना राज्य और योजना का वर्ष चुनें।
कैप्चा कोड:
- दिए गए कैप्चा को सही-सही दर्ज करें।
Submit करें और रिपोर्ट देखें:
- ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
- आपकी स्क्रीन पर PMAY-G लाभार्थी की पूरी रिपोर्ट दिखाई देगी।
रिपोर्ट डाउनलोड:
- PMAY रिपोर्ट को PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करने का विकल्प पेज पर मिलेगा।
- रिपोर्ट डाउनलोड करके आप इसे प्रिंट कर सकते हैं या भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।


महत्वपूर्ण निर्देश:
- सुनिश्चित करें कि आपके पास योजना से संबंधित सही जानकारी, जैसे लाभार्थी का नाम, राज्य, और वर्ष हो।
- कैप्चा कोड दर्ज करते समय सावधानी बरतें।
PMAY Beneficiary विवरण का महत्व:
यह रिपोर्ट लाभार्थियों को अपने आवेदन की स्थिति जानने, योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी सहायता का लाभ लेने में मदद करती है।
PMAY-G की खास बातें
दोस्तों, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मकान निर्माण को सरल और प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस योजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
मुख्य बिंदु
- डिजिटल कार्यान्वयन (execution):
योजना का क्रियान्वयन ई-गवर्नेंस मॉडल के तहत AwaasSoft और Awaas App के माध्यम से किया जाता है। - Ratio of financial aid:
- मैदानी क्षेत्रों में केंद्र और राज्य के बीच सहायता का बंटवारा 60:40 के अनुपात में किया जाता है।
- हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है।
- मकान निर्माण के चरण:
- निर्माण 7 चरणों में पूरा किया जाता है:
- मंजूरी
- नींव रखना
- चबूतरा बनाना
- खिड़की चौखट
- लिंटेल
- छत की ढलाई
- निर्माण पूर्ण करना
- निर्माण 7 चरणों में पूरा किया जाता है:
- लाभार्थी द्वारा निर्माण:
- योजना के तहत सहायता दी जाती है, और लाभार्थी स्वयं मकान का निर्माण करते हैं।
- संसाधनों का वितरण:
- कुल जारी धनराशि का 90% मकानों के निर्माण पर खर्च होता है।
- 5% प्रशासनिक खर्चों के लिए आरक्षित है।
- 5% विशेष परियोजनाओं के लिए रखा गया है।
- प्रावधान और सेवाएं:
- निर्माण सामग्री की आपूर्ति।
- राजमिस्त्रियों का कौशल प्रशिक्षण।
- ऋण वितरण के लिए बैंक व्यवस्था।
- घरों की डिजाइन की सुविधा।
जुर्माना प्रावधान (PMAY-G Penalty):
दोस्तों, क्या आपको पता हैं, यदि राज्य सरकारें मकानों की मंजूरी या निर्माण में देरी करती हैं, तो जुर्माना लागू किया जाता है: जो की इस प्रकार हैं –
| विवरण | जुर्माने की राशि |
|---|---|
| मंजूरी में पहले महीने की देरी | ₹10 प्रति घर प्रति माह। |
| अगले प्रत्येक माह की देरी | ₹20 प्रति घर प्रति माह। |
| पहली किस्त जारी करने में देरी | ₹10 प्रति घर प्रति सप्ताह। |
नोट: यदि केंद्र से धनराशि उपलब्ध नहीं है, तो कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
SECC परिवार विवरण की जांच: –
PMAY-G पोर्टल पर सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) के तहत परिवार का विवरण देखने के लिए:
- PMAY-G पोर्टल pmayg.nic.in पर जाएं।
- होमपेज पर ‘Stakeholder Tab’ पर क्लिक करें।
- ‘SECC Family Member Details’ चुनें।
- राज्य चुनें और अपनी विशिष्ट PMAY ID दर्ज करें।
- ‘Get Family Member Details’ बटन पर क्लिक करें।
- इसके बाद आपके सामने परिवार का विवरण आ जाएगा।


PMAY-G प्राथमिकता सूची की सत्यापन प्रक्रिया: –
- प्राथमिकता सूची ग्राम सभा द्वारा सत्यापित की जाती है।
- यदि सूची में तथ्य गलत पाए जाते हैं, तो ग्राम सभा संबंधित परिवार का नाम सूची से हटा सकती है।
संपर्क विवरण
- टोल-फ्री नंबर:
- 1800-11-6446
- 1800-11-8111
- ईमेल:
आप राज्य-वार संपर्क जानकारी और अधिक विवरण PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
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निष्कर्ष: pradhan mantri awas yojana gramin apply –
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सरकार की एक अभिनव पहल है, जो देश के ग्रामीण गरीबों को बेहतर जीवन देने का प्रयास करती है। यदि आप इस योजना के पात्र हैं, तो जल्दी से ऊपर बताए गए तरीके से आवेदन करें और सरकार की सहायता से अपना पक्का मकान बनवाएं। यह योजना केवल आवास प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और सम्मानित जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।
हम उम्मीद करते हैं कि यह आर्टिकल आपके बहुत ही काम का होगा। इसे अपने दोस्तों और जरूरमंद लोगों के साथ जरूर शेयर करें, ताकि उनका सपनों का घर जल्द से जल्द बन सके। हम आपसे किसी और नए आर्टिकल के साथ तब तक के लिए गुडबाय, जय हिंद!
(FAQs) – PM Awas Yojana Gramin 2026
क्या मेरे पास मोटरसाइकिल (Bike) होने पर भी मुझे पीएम आवास योजना का लाभ मिलेगा?
हाँ, बिल्कुल! सरकार के नए अपडेट (PMAY-G 2.0) के अनुसार अब मोटरसाइकिल (टू-व्हीलर), फ्रिज (Refrigerator), या लैंडलाइन फोन होने पर आपका फॉर्म रिजेक्ट नहीं किया जाएगा। इन अयोग्यता नियमों को अब हमेशा के लिए हटा दिया गया है। आप बेझिझक आवेदन कर सकते हैं।
मेरी मासिक आय 12,000 रुपये है, क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?
जी हाँ। पहले यह सीमा अधिकतम 10,000 रुपये थी, लेकिन नए नियमों के तहत अब 15,000 रुपये प्रति माह तक कमाने वाले परिवार भी इस योजना के लिए पूरी तरह से पात्र हैं।
2026 में पीएम आवास योजना ग्रामीण में कुल कितना पैसा मिलता है?
ग्रामीण योजना के तहत सरकार मैदानी क्षेत्रों में मकान बनाने के लिए ₹1.20 लाख और पहाड़ी/कठिन क्षेत्रों में ₹1.30 लाख सीधे बैंक खाते में देती है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत 95 दिन की मजदूरी (लगभग ₹20,000+) का लाभ अलग से मिलता है।
पीएम आवास योजना ग्रामीण की नई लिस्ट (New List 2026) कैसे चेक करें?
आप PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट (pmayg.nic.in) पर जाएं। वहां ‘AwaasSoft’ टैब में जाकर ‘Report’ पर क्लिक करें। इसके बाद “Beneficiary Details for Verification” सेक्शन में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर नई लिस्ट में अपना नाम आसानी से चेक कर सकते हैं।
pradhan mantri awas yojana gramin apply ऑनलाइन कैसे करें?
भ्रष्टाचार रोकने के लिए अब सरकार ने Awaas+ ऐप के माध्यम से AI-आधारित फेस ई-केवाईसी (Face e-KYC) अनिवार्य कर दिया है। सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप अपने नज़दीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या ग्राम पंचायत सचिव (VDO) से संपर्क करें, ताकि आपके कच्चे घर की जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) और फॉर्म सही तरीके से सबमिट हो सके।
क्या प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है?
बिल्कुल! सरकार का मुख्य फोकस महिला सशक्तिकरण पर है। योजना के तहत 70% से अधिक घर सीधे घर की महिला मुखिया के नाम पर या संयुक्त (Joint) नाम पर आवंटित किए जा रहे हैं।
मेरे पास घर बनाने के लिए अपनी जमीन (Land) नहीं है, तो क्या मुझे योजना का लाभ मिलेगा?
जी हाँ! अगर आपके पास अपनी कोई जमीन नहीं है (भूमिहीन हैं), तो सरकार आपको घर बनाने के लिए पंचायत की जमीन से पट्टा (Land lease) उपलब्ध कराती है या जमीन खरीदने के लिए राज्य सरकारें अलग से आर्थिक सहायता देती हैं। इसके बाद ही आपको मकान बनाने का पैसा दिया जाता है।
अगर ग्राम प्रधान या सेक्रेटरी लिस्ट में नाम डालने के लिए पैसे (रिश्वत) की मांग करे, तो क्या करें?
भूलकर भी ₹1 न दें! पीएम आवास योजना पूरी तरह से मुफ्त और पारदर्शी है। पैसा सीधे आपके खाते में (DBT के जरिए) आता है। अगर कोई रिश्वत मांगता है, तो आप तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 या 1800-11-8111 पर उनकी गुमनाम शिकायत कर सकते हैं।
मकान बनाने का पैसा मेरे खाते में कितनी किस्तों में और कब-कब आता है?
धनराशि आमतौर पर 3 किस्तों में आती है:
पहली किस्त: मकान की मंजूरी मिलने और नींव खोदने के समय।
दूसरी किस्त: जब दीवारें लिंटेल (खिड़की/दरवाजे के ऊपर) लेवल तक पहुँच जाती हैं।
तीसरी और आखिरी किस्त: छत पड़ने और शौचालय का निर्माण पूरा होने के बाद।
मेरे घर में एक कमरा पक्का है और बाकी पूरा घर कच्चा है, क्या मैं इसके लिए पात्र हूँ?
योजना के नियमों के अनुसार, अगर आपके पास 0, 1, या 2 कमरे वाला “कच्चा मकान” (कच्ची दीवारें और कच्ची छत) है, तभी आप पात्र माने जाएंगे। यदि आपके घर में एक भी पक्का कमरा (कंक्रीट/RCC की छत वाला) है, तो नियमतः आपका फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है।
मैं गांव का रहने वाला हूँ लेकिन मजदूरी/नौकरी के लिए दूसरे राज्य में रहता हूँ, क्या मुझे गांव में आवास मिल सकता है?
बिल्कुल मिल सकता है! शर्त यह है कि आपका स्थायी पता, राशन कार्ड और आधार आपके गांव का ही होना चाहिए। हालांकि, जब घर की जियो-टैगिंग (Geo-tagging) और वेरिफिकेशन हो, तब परिवार के किसी सदस्य का वहां उपस्थित होना जरूरी है।
क्या जन-धन खाते (Jan Dhan Account) या किसी प्राइवेट बैंक में योजना का पैसा आ सकता है?
पैसा किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक के खाते में आ सकता है, बस शर्त यह है कि आपका बैंक खाता आधार कार्ड और NPCI (DBT) से लिंक होना चाहिए। ध्यान दें: जन-धन खाते में 1 लाख रुपये से ज्यादा की लिमिट नहीं होती, इसलिए बड़ी किस्त आने से पहले अपने खाते को सामान्य बचत खाते (Savings Account) में अपग्रेड करा लें ताकि पैसा न फंसे।
घर बनाने के लिए सरकार की तरफ से अधिकतम कितना समय दिया जाता है?
सरकार की कोशिश होती है कि घर 114 दिनों के अंदर बन जाए। लेकिन नियम के अनुसार, आपको पहली किस्त मिलने के 12 महीने (1 साल) के भीतर मकान का निर्माण पूरा करना होता है। देरी होने पर अगली किस्त रुक सकती है।
मैं अविवाहित (Unmarried/Single) हूँ, क्या मुझे पीएम आवास मिल सकता है?
पीएम आवास योजना मुख्य रूप से “परिवार” (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों) के लिए है। अगर आप अविवाहित हैं लेकिन माता-पिता से अलग रहते हैं और आपके नाम कोई पक्का मकान नहीं है, तो कुछ विशेष परिस्थितियों में आपको लाभ मिल सकता है। लेकिन प्राथमिकता हमेशा महिलाओं और संयुक्त गरीब परिवारों को दी जाती है।
भगवान न करे, अगर घर बनाते समय मुख्य लाभार्थी की मृत्यु हो जाए, तो क्या पैसा वापस चला जाएगा?
नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं होता। अगर निर्माण के दौरान मुख्य लाभार्थी का निधन हो जाता है, तो योजना का पैसा और मकान का मालिकाना हक तुरंत परिवार के कानूनी वारिस (जैसे उनकी पत्नी, पति या बच्चों) के नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाता है, ताकि घर का काम पूरा हो सके।
उत्तर:
मेरी मासिक आय 12,000 रुपये है, क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?
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उत्तर: आप PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट (pmayg.nic.in) पर जाएं। वहां ‘AwaasSoft’ टैब में जाकर ‘Report’ पर क्लिक करें। इसके बाद “Beneficiary Details for Verification” सेक्शन में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर नई लिस्ट में अपना नाम आसानी से चेक कर सकते हैं।
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